
त्रिलोक न्यूज़ मध्य प्रदेश सहायक प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे 8839125553
राजधानी में हजारों ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम दो या तीन वार्डों में एक साथ दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि इन प्रविष्टियों में पिता या पति का नाम और फोटो भी एक समान हैं। कुछ मतदाताओं के नाम तो भोपाल से बाहर की सूचियों में भी पाए गए हैं।
4 नवंबर से एसआईआर सर्वे के तहत वोटर वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। अब तक हुई जांच में करीब 120 पेजों में 1200 ऐसे नाम मिले हैं, जो दो से तीन जगह मतदाता सूची में मौजूद हैं। यानी एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज है।
हर घर तीन बार पहुंच रहे बीएलओ मतदाता सत्यापन के लिए 2000 से अधिक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की ड्यूटी लगाई गई है। हर वोटर के घर तीन बार जाकर पहचान की जा रही है, ताकि वास्तविक मतदाता की पुष्टि हो सके।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, कई मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं, कुछ का निधन हो गया है, जबकि कुछ लोग राज्य से बाहर चले गए हैं। ऐसे में मतदाता सूची को शुद्ध और नए सिरे से अपडेट किया जा रहा है। 2003 की मतदाता सूची से ब्लड रिलेशन के आधार पर नामों का मिलान भी कराया जा रहा है, ताकि डुप्लीकेट या फर्जी प्रविष्टियों की पहचान हो सके।
कोलार में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर भोपाल की सातों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता वेरिफिकेशन का काम जारी है। अब तक सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर कोलार क्षेत्र के चार वार्डों में मिले हैं। गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई मतदाताओं के नाम दो या तीन सूचियों में दर्ज हैं, जबकि कुछ के नाम पूरी तरह गायब हैं।













